प्रेषिका : गीता
अन्तर्वासना में अपनी कहानियाँ भेजने वालों को गीता का प्रणाम ! खुली फुदी से मेरी कहानी पढ़ने वालों को प्रणाम ! यानि की गीता मेहरा का नमस्कार !
बहुत सी कहानियाँ पढ़ी जिन्हें पढ़ते ही चूत में आग लग जाती है, इस तरह मैंने भी अपनी ज़िंदगी के अब तक के सफ़र में कितना और कैसे चुदवाया? आज पहली दास्तान -
अब तो मैं शादीशुदा हूँ। जब पहली बार चुदी थी तो मैं कॉलेज़ में थी। मेरे पड़ोसी के घर में उनका लड़का था सुनील। सुनील का गारमेंट्स का बिज़्नेस था वैसे तो वो शादीशुदा था, उसकी बीवी सरिता भी मेरे साथ घुलमिल गई थी। हम दोनों अकेले होकर गप्पें लड़ाते !
गर्मियों की एक दोपहर की बात है हमारा फ्रिज़ खराब हो गया था। मम्मी ने मुझे कहा- उनकी फ्रिज़ से बर्फ़ की ट्रे लेकर आना !
हम पड़ोसियों में बहुत प्यार था और घुलमिल के रहते थे। मैंने सोचा- सरिता अकेली होगी
........Read Full Story